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यूपी 100: एक नागरिक केंद्रित पुलिस आपात सहायता

वर्तमान में पुलिस आपातकालीन सहायता जनपद स्‍तर पर स्‍थापित पुलिस आधुनिक नियंत्रण कक्ष ‘डायल 100’ के माध्‍यम से प्रदान की जा रही है । बढ़ती हुई मांगों के परिप्रेक्ष्‍य में, वर्तमान में स्‍थापित नियंत्रण कक्षों में कई संसाधन अपर्याप्त हैं । इन पुलिस नियंत्रण कक्षों को आपात स्थिति में जन सामान्‍य को समुचित सहायता प्रदान किये जाने हेतु सक्षम बनाने के लिए कई विशिष्‍ट सेवाओं के साथ प्रौद्योगिकी संचालन में विविधता एवं प्रतिक्रियाओं की विविधता को समाहित किया जाना आवश्‍यक है । उत्तर प्रदेश में नागरिकों को सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित पुलिस एकीकृत आपात सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्‍य से ‘यूपी 100’ परियोजना का क्रियान्‍वयन किया गया है । सम्‍पूर्ण राज्‍य से, दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों सहित, आपातकालीन संदशों को प्राप्‍त करने के लिए जनपद लखनऊ में एक केंद्रीकृत संपर्क केंद्र स्थापित किया गया है । यह केंद्र न केवल मोबाइल या फोन कॉल के माध्‍यम से, बल्कि संचार के अन्‍य सभी माध्‍यमों ईमेल, सोशल मीडिया आदि से भी त्‍वरित पुलिस आपात सहायता उपलब्‍ध करायेगा । केन्‍द्र में उत्‍तर प्रदेश में बोली जाने वाली सभी भाषाओं, सभी भारतीय भाषाओं और प्रमुख विदेशी भाषाओं के सम्‍वाद अधिकारी भी नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में सहायता करने हेतु उपलब्‍ध रहेंगे । दिव्‍यांग व्‍यक्तियों से वीडियो के माध्‍यम से सम्‍पर्क कर उनकी सांकेतिक भाषा को अनुवादक के माध्‍यम से अनुवाद कर त्‍वरित आपात सहायता प्रदान की जायेगी । प्रदेश के सभी 75 जनपदों में प्रथम चरण में व्‍यवस्‍थापित 3200 चार पहिया वाहन व द्वितीय चरण के 1800 दो पहिया वाहन जनपद लखनऊ में स्‍थापित यूपी 100 केन्‍द्र के सीधे परिचालनिक नियंत्रण में होंगे । किसी आपात स्थिति की सूचना प्राप्‍त होने पर केंद्र द्वारा निकटतम पुलिस वाहन को पीडि़त नागरिक की सहायता हेतु प्रेषित किया जायेगा । यह लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है कि आपात स्थितियों में शहरी क्षेत्र में 15 मिनट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 20 मिनट के अन्‍दर नागरिकों को पुलिस सहायता उपलब्‍ध कराई जाय । इन वाहनों पर नियुक्त कर्मी भी यूपी 100 केन्‍द्र के परिचालनिक नियंत्रण में रहेंगे । अग्निशमन सेवाओं को भी स्‍थल सेवाओं से एकीकृत किया जायेगा, जिससे अग्निशमन की आपात स्थिति में अग्निशमन सहायता भी त्‍वरित रूप से उपलब्‍ध कराई जा सके । प्रदेश में चिकित्‍सीय आपात सहायता हेतु 108 एम्‍बुलेंस सेवायें राज्‍य स्‍तर पर कार्यरत हैं । इन्‍हें भी यूपी 100 से एकीकृत किया जा रहा है । वर्तमान में जनपद लखनऊ, गाजियाबाद, इलाहाबाद और कानपुर में प्रचलित पुलिस आधुनिक नियंत्रण कक्ष शहरी क्षेत्रों में आपात सहायता उपलब्‍ध कराते हैं । यूपी 100 परियोजना इस सेवाओं को उत्‍तर प्रदेश के सम्‍पूर्ण भौगोलिक क्षेत्रफल-सभी 75 जनपद, सभी शहरों, कस्‍बों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विस्‍तार करेगा । उत्‍तर प्रदेश के किसी भी क्षेत्र से 100 नम्‍बर पर की गई प्रत्‍येक काल सीधे यूपी 100 के सम्‍पर्क केन्‍द्र में प्राप्‍त होगी । लखनऊ केंद्र में काल प्राप्‍त होने पर, महिला सम्‍वाद अधिकारियों द्वारा काल प्राप्‍त की जायेगी । यह महिला सम्‍वाद अधिकारी पुलिस अधिकारी न होकर एक दक्ष व्‍यवसायिक हैं । पूरी वार्ता को रिकार्ड किया जायेगा । उसके पश्‍चात पुलिस सहायता प्रेषित किये जाने हेतु काल प्रेषण अधिकारी को प्रेषित की जायेगी तथा सम्‍बन्धित पुलिस थाने को भी आपात स्थिति की सूचना प्रेषित की जायेगी । निकटस्‍थ पुलिस वाहन त्‍वरित सहायता हेतु पीडि़त व्‍यक्ति के पास पहुँचेगा तथा अपराध के प्रकरण की प्रकृति के अनुसार अग्रतर कानूनी कार्यवाही के लिए प्रकरण स्थानीय पुलिस को हस्‍तगत किया जायेगा । नागरिक अपनी आपात स्थिति की तस्‍वीरें और वीडियो भी अपलोड कर सकेंगे । यूपी 100 द्वारा पुलिस की जांच में सहायता हेतु काल की विस्‍तृत जानकारी व नागरिकों द्वारा अपलोड की गई तस्‍वीरें व वीडियो साक्ष्‍य हेतु प्रेषित की जायेंगी । नागरिकों से आपात स्थिति में प्रदान की गई सहायता के बारे में प्रतिक्रिया प्राप्‍त की जायेगी और जब तक पीडि़त व्‍यक्ति को समस्‍या का समाधान प्राप्‍त नहीं हो जाता, प्रकरण को समाप्‍त नहीं किया जायेगा । यूपी 100 प्राथमिक रूप से नागरिक केन्द्रित सेवा है । अब किसी भी व्‍यक्ति को पुलिस की सहायता प्राप्‍त करने के लिए थाने जाने की आवश्‍यकता नहीं होगी । आवश्‍यकता होने पर कोई भी व्‍यक्ति सीधे 100 नम्‍बर पर फोन कर सकता है । यह प्रक्रिया स्‍थानीय थाने के एकाधिकार को समाप्‍त करेगी । पीडि़त व्‍यक्ति की परेशानी एक निष्‍पक्ष कर्मी द्वारा रिकार्ड की जायेगी । इस पूरी प्रक्रिया का पुलिस के हस्‍तक्षेप के बिना इलेक्‍ट्रानिक रूप से अभिलेखीयकरण किया जा रहा है । नागरिक अपने साथ हुई घटनाओं के फोटो तथा वीडियो भी इस केन्‍द्र को प्रेषित कर सकेंगे, जिन्‍हें उनके टेलीफोन के विवरण के साथ स्‍थानीय पुलिस को आवश्‍यक कार्यवाही हेतु उपलब्‍ध करा दिया जायेगा । यह पूरी प्रक्रिया एक स्‍वचालित इलेक्‍ट्रानिक प्रणाली के माध्‍यम से की जायेगी । यह एक ऐसी व्‍यवस्‍था है जिसमें उत्‍तर प्रदेश पुलिस विभाग ने स्‍वयं एक सकारात्‍मक पहल कर अपने आपको जनता के प्रति पूरी तरह से पारदर्शिता के साथ उत्‍तरदायी बनाने का प्रयास किया है । ​ यह पूरी व्‍यवस्‍था सुनिश्चित करेगी कि पुलिस अपनी सेवायें निष्‍पक्षता और ईमानदारी के साथ प्रदान करे । प्रदेश के नागरिकों के सशक्‍तीकरण की दिशा में यह परियोजना एक मील का पत्‍थर साबित होगी । यह व्‍यवस्‍था न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को एक बुनियादी रूप से परिष्‍कृत करेगी बल्कि नागरिकों तथा समाज के वृहद स्‍तर की सोच में भी सार्थक परिवर्तन लाने में सहायक होगी ।